काफी फजीहत के बाद अपने बयान से पलटे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार
हमारा देश इस समय मंद पड़ चुकी अर्थव्यवस्था के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश के लगभग सभी क्षेत्रों की विकास दर काफी धीमी पड़ चुकी है। ऐसे में हजारों कर्मचारियों की नौकरी पहले ही जा चुकी है। अभी भी कई क्षेत्रों में लोगों की नौकरियां जाने का खतरा बरकरार है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के बाद यह पता चला है कि देश में बेरोजगारी का स्तर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक है।
हमारे देश के अंदर करोड़ों युवा ऐसे हैं जिनके पास रोजगार नहीं है। इतना ही नहीं सरकार चुनाव में वादे करने के बाद युवाओं को रोजगार देने में असफल रही। हाल ही में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार द्वारा एक बयान में लोगों को रोजगार ना मिल पाने का कारण युवाओं का अयोग्य होना बताया। जिसके बाद उनकी काफी फजीहत हुई। अब उन्होंने अपना बयान बदल लिया है।
आलोचना के बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बदला अपना बयान
दरअसल बरेली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बयान देते हुए कहा था कि उत्तर भारत के युवाओं के पास वह काबिलियत नहीं है कि उनको रोजगार दिया जा सके। जिसके बाद उनकी काफी आलोचना शुरू हो गई। कांग्रेस पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने इस तरह का बयान देने पर उन पर हमला बोला। प्रियंका गांधी ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए केंद्र सरकार पर रोजगार ना देने का आरोप लगाया। अपने बयान से पलटते हुए मंत्री जी ने कहा कि उनके बयान को दूसरी तरह से पेश किया गया। उन्होंने बाद में कहा कि वह यह कहना चाहते थे कि युवाओं के पास कौशल की कमी है। जिसके कारण उनको कौशल प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने एक कौशल विकास मंत्रालय भी खोला है।
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
प्रियंका गांधी ने मंत्री जी के बयान पर पलटवार करते हुए ट्वीट करते हुए कहा कि 5 साल में आप रोजगार नहीं ला पाए। जो रोजगार थे वह आर्थिक मंदी के कारण छिनते हुए चले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर भारतीयों का अपमान कर आप बच नहीं सकते। ऐसा नहीं चल पाएगा।
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